आज होगा होलिका दहन, कल मनेगा दुलेंडी पर्व, रंगपंचमी पर होगा मुर्ख सम्मेलन का आयोजन
सुसनेर। नगरवासियो द्वारा आज सोमवार की रात्रि को होलिकादहन किया जाएगा। वहीं कल मंगलवार को चंद्र ग्रहण लगने के पूर्व डुलेंडी का पर्व मनाया जाएगा। वहीं मंगलवार की सुबह 7 बजे आनंद योग समिति के सदस्यों द्वारा श्रीराम मंदिर धर्मशाला प्रांगण में एक दूसरे को रंग लगाकर होलिका पर्व की शुभकामनाएं देकर पूरे नगर में मोटर साइकिल रैली निकालकर नगरवासियों को होली की शुभकामनाएं दी जाएगी। फूलमाली समाज सहित अन्य समाज के लोगों द्वारा भी मंगलवार की सुबह समाजजनों के घर जाकर होली का रंग डाला जाएगा। वहीं आगामी 8 मार्च रविवार को रंग पंचमी का पर्व बडी धुमधाम के साथ मनाया जाएगा। श्री खेड़ापति हनुमानजी महाराज का आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा।
इसी के साथ पूरे नगर में रंप पंचमी उत्सव का शुभारंभ हो जाएगा। इस दोरान भक्तो के द्वारा रंग-गुलाल लगाकर के महाआरती की जाएगी। यह आयोजन सुबह साढे 9 बजे होगा। उसके बाद 10 बजे एक दुसरे को रंग-गुलाल लगाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसी के साथ नगर की वर्षो पुरानी परम्परा का निर्वहन करते हुएं पंडित दीनदयाल उपाध्याय झंडा चोक के स्थान की जगह स्थानीय कल्याण जिनिंग फैक्ट्री परिसर पर मुर्ख सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारीयों को मुर्खो को उपाधि दी जाएगी। हास्य व्यंग के ठहाके लगाए जाएंगे। जिसका प्रसारण फेसबुक एवं सोशल मीडिया पर ऑनलाइन भी किया जाएगा। आपको बता दे की करीब 80 साल पुरानी यह परम्परा है। इतवारिया बाजार में लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय लक्ष्मीनारायण शुक्ला ने इसकी शुरूआत की थी। उसके बाद गोवर्धन शुक्ला एवं मांगीलाल सोनी ने ये परंपरा कायम रखी। कुछ समय ये परम्परा बन्द रही। फिर सन 2000 में पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष स्वर्गीय महेश भावसार ने इस परंपरा को स्टेट बैंक चौराहे पर प्रारम्भ किया गया। फिर उनके निधन के बाद उनके छोटे भाई सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु भावसार ने नगर के कवि घनश्याम गोयल, दिलीप जैन सारँगयाखेड़ी, लक्ष्मणसिंह कांवल एवं टेकचंद गहलोत के सहयोग से हनुमान छतरी पर नगर की इस ऐतिहासिक परम्परा को जीवित रखा। इन सबने मिलकर समय समय पर इस मूर्ख सम्मेलन में आधुनिकता का परिवेश भी किया। पहले रँगपंचमी पर आयोजित मूर्ख सम्मेलन में प्रस्तुत की गई प्रस्तुतियों का दूसरे दिन पेम्पलेट छपवाकर वितरित किया जाता था जो श्वेतश्याम होकर बिना फोटो युक्त होता था। परन्तु आज इस मूर्ख सम्मेलन के पर्चे चिकने एवं मोटे कागज पर सचित्र होकर रंगबिरंगे रूप में समाचार पत्रों के माध्यम से नगर के घर घर पहुचाये जाते है जिनका लोगो को साल भर से बेसब्री से इंतजार रहता है। इन रंगीन पर्चो में क्षेत्र के राजनेताओं, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विशिष्ट गणमान्य नागरिकों को दी गयी उपाधियों को पड़कर घरों में पूरे परिवार के लोग कई दिनों तक गुदगुदाते रहते है और अपना स्वस्थ मनोरंजन मूर्ख सम्मेलन के इन पर्चो के माध्यम से करते है। आज आयोजको द्वारा इस
इन रंगीन पर्चो में क्षेत्र के राजनेताओं, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विशिष्ट गणमान्य नागरिकों को दी गयी उपाधियों को पड़कर घरों में पूरे परिवार के लोग कई दिनों तक गुदगुदाते रहते है और अपना स्वस्थ मनोरंजन मूर्ख सम्मेलन के इन पर्चो के माध्यम से करते है। आज आयोजको द्वारा इस मूर्ख सम्मेलन को सुनने आये लोगो के लिए टेंट, शामियाने एवं कुर्सियों की भी व्यवस्था की जाती है। नगर के कवि घनश्याम गोयल, दिलीप जैन सारंग्याखेड़ी, लक्ष्मणसिंह कांवल, टेकचंद गहलोत एवं विष्णु भावसार के सहयोग के द्वारा आयोजित उक्त मूर्ख सम्मेलन में समय के साथ आधुनिकता का परिवेश इस बार भी किया गया है। क्योंकि आयोजकों ने इस बार इस मूर्ख सम्मेलन का प्रसारण ऑफलाइन की ऑनलाइन करने का लिया परंतु नगरवासियों की मांग पर इसका स्थान परिवर्तन कर मेला रोड़ चोष्टी माता मंदिर के समीप स्थित पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष चतुर्भुजदास भूतड़ा के कल्याण जिनिंग फैक्ट्री परिसर सुसनेर में इसका आयोजन दोपहर 1 बजे किया जाएगा। जिसका प्रत्यक्ष देखने के साथ इसका ऑनलाइन प्रसारण फेसबुक सोशल मीडिया पर किया जाएगा।
इस बार इनकी भी रहेगी खास प्रस्तुति-
नगर के गायक कलाकारों सुनील बांगड़, लोकेंद्र सिंह तोमर, अरुण भाटी, राजेश सोनी सहित ललित सांवला एंड टीम के सदस्य दीपक जैन, भूपेंद्र सांवला, आशीष त्यागी, कुलदीप चौधरी, सुरेश टेलर आदि द्वारा मूर्ख सम्मेलन के पूर्व गीतों की प्रस्तुति 8 मार्च रविवार को सुबह 11 बजे से दी जाएगी।
चित्र : सुसनेर में रंग पंचमी पर इस तरह होता है मुर्ख सम्मेलन का आयोजन -फाइल फोटो।
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