अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को माननीय न्यायालय द्वारा आजीवन कठोर कारावास की सजा से किया दंडित
गुना पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी द्वारा जिले के चिन्हित एवं सनसनीखेज मामलों की लगातार मॉनीटरिंग करते हुये इन मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से सुसंगत एवं तर्कपूर्ण साक्ष्यों को माननीय न्यायालय में समय पर प्रस्तुत किये जाने एवं दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाए जाने के निर्देश दिये जा रहे हैं । इसी तारतम्य में जिले के म्याना थाना अंतर्गत एक पिता द्वारा अपनी ही बेटी के साथ दुषकर्म करने की सनसनीखेज बारदात की गई थी, दुष्कर्म के इस मामले में पुलिस की सटीक विवेचना और मजवूत अभियोजन प़क्ष की बदौलत माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण में अपना अंतिम फैसला सुनाते हुये आरोपी पिता को आजीवन कठोर कारावास के दंड से दंडित किया गया है ।
उल्लेखनीय है कि जिले के म्याना थाना अंतर्गत एक शराबी पिता द्वारा अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया था । इस घटना की फरियादिया पीडिता की मां की रिपोर्ट पर से आरोपी पिता के विरुद्ध म्याना थाने में अप.क्र. 397/24 धारा 64(2)(एफ), 64(2)(एम), 64(1), 115(2), 351(3) बीएनएस एवं 3/4 , 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया था ।
दुष्कर्म के उक्त मामले में एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के मार्गदर्शन में म्याना थाने से विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक रचना खत्री द्वारा प्रकरण की सटीक एवं प्रभावी विवेचना करते हुए प्रकरण से संबंधित मजबूत साक्ष्य एकत्रित किए गए और प्रकरण की संपूर्ण विवेचना उपरांत चालान कता कर आरोपी के विरुद्ध धारा 64(2)(एफ), 64(2)(एम), 64(1), 115(2), 351(3) बीएनएस एवं 3/4 , 5/6 पॉक्सो एक्ट पाक्सो एक्ट के तहत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया । प्रकरण के अत्यधिक गंभीर प्रकृति के होने से जिसकी सुनवाई विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) में की गई । प्रकरण में पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष समस्त गवाहों को नियत समय व दिनांको में उपस्थित रखा गया एवं प्रकरण से संबंधित साक्ष्य माननीय न्यायालय के समक्ष मजबूती के साथ रखे गए । माननीय न्यायालय में उक्त मामले की पैरबी जिला अभियोजन अधिकारी श्री हजारीलाल बैरवा के मार्गदर्शन में लोक अभियोजक श्रीमती ममता दीक्षित द्वारा की गई एवं जिनकी ओर से माननीय न्यायालय के समक्ष बहुत अच्छी तरह से अभियोजन पक्ष रखा गया, जिसके परिणाम स्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती सोनाली शर्मा, न्यायालय गुना द्वारा मात्र एक साल में ही समस्त न्यायालयीन कार्यवाही उपरांत प्रकरण में अपना अंतिम निर्णय सुनाते हुये दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को प्रकरण में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के दंड से दंडित किया है ।
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