सिविल अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार फिर भी जर्जर भवन में जबर्दस्ती चला रहे काम , जिम्मेदारो का ढीला रवैया और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से हैंडओवर नही हो पा रहा भवन

राजेश माली सुसनेर

सिविल अस्पताल का नया भवन बनकर तैयार फिर भी जर्जर भवन में जबर्दस्ती चला रहे काम , जिम्मेदारो का ढीला रवैया और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से हैंडओवर नही हो पा रहा भवन

सुसनेर। क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन ने सुसनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा दिया है। सिविल अस्पताल के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से नया भवन बनकर तैयार है। लेकिन प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारो के ढीले रवैये और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते यह भवन अभी तक स्वास्थ विभाग को हैंडओवर नही हो सका है। जिसके कारण क्षेत्रवासियों को इसका लाभ नही मिल पा रहा है। ठेकेदार की कछुआ चाल से निर्माण करने के चलते यह भवन निर्धारित समय सीमा से करीब डेढ़ साल देरी से बनकर तैयार हुआ है। भवन अभाव के चलते अस्तपाल आज भी अंग्रेजों के जमाने के डिस्मेंटल हो चुके पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। जगह की कमी के चलते जबर्दस्ती एडजस्ट कर अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। बता दे कि नगर के शासकीय अस्पताल के समीप ही शासकीय प्राथमिक विद्यालय के पुराने भवन को तोड़कर सर्वसुविधायुक्त सिविल अस्पताल का नया भवन बनाया गया है। बीच में भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हुए थे। लेकिन अधिकरियों के तालमेल से मामला दब गया। अगस्त 2022 में भवन का निर्माण शुरू हुआ तब उमीद थी कि मरीजों को सुविधाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा सिंतबर 2023 तक मिलने लगेगा, किंतु ऐसा नहीं हुआ। जिम्मेदारो के ढीले रवैये को देखते हुए लग रहा है कि अभी कुछ एक साल मरीजों को पुराने अस्पताल में ही इलाज करवाना होगा। इस सम्बंध में सम्बंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों से बात की गई तो उनके पास भी इसका जवाब नही था। तो कई ने फोन उठाना भी मुनासिब नही समझा।

*8 करोड़ 68 लाख की लागत से बन रहा 50 बेड का सिविल अस्पताल*

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुसनेर को अगस्त 2021 में उन्नयन कर 50 बैड का सिविल अस्पताल बनाए जाने की घोषणा के बाद लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल ने मार्च 2022 में सिविल अस्पताल के 50 बैड के भवन निर्माण एवं अस्पताल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, नलकूप खनन, एसटीपी एवं डेनेज कार्य के लिए 8 करोड़ 68 लाख की प्रशासनिक स्वीक्ति प्रदान की थी। इसके बाद अगस्त 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ जिसे सितंबर 2023 तक पूर्ण करना था। क्षेत्रिय विधायक भेरूसिंह बापू ने भी कई बार स्वास्थ विभाग के जिम्मेदारो से नवीन भवन के शुरू किए जाने की बात की है लेकिन आज तक किसी के कान पर जू तक नही रेंगी है।

*शिक्षा विभाग की जमीन पर खड़ा कर दिया करोड़ो का भवन*

सिविल अस्पताल का नवीन भवन पुराने उत्कृष्ट स्कूल के भवन की जगह बना है। यह जमीन शिक्षा विभाग की है जिस पर सिविल अस्पताल का भवन बना कर करोड़ो रूपये की बर्बादी की जा चुकी है। जिसके चलते अब भवन अधर में है। स्वास्थ विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नही होने के कारण भवन हैंडओवर नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिम्मेदारो की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों मनमानी के चलते शासन का करोड़ों रुपए बर्बाद हो चुके है और क्षेत्र की जनता सौगात होंने के बाद भी इसका लाभ लेने से वंचित है।

*सिविल अस्पताल के नए भवन में ये मिलेंगी सुविधाएं*

नवीन भवन में 50 बेड वाला भर्ती वार्ड, अतिरिक्त भर्ती वार्ड, ऑपरेशन सुविधा, ईसीजी मशीन, सोनाग्राफी, ब्लड यूनिट, डिजीटल एक्सरे, एबुलेंस व विभिन्न प्रकार की जांचों के लिए लैब सुविधाएं मिलेंगी। डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि के साथ ही अस्थि रोग, नेत्र रोग, दंत रोग, स्त्री रोग, शिशु रोग विशेषज्ञ, सर्जिकल व मेडिकल स्पेशलिस्ट सहित कई अन्य सुविधाएं व स्टाफ बढ़ेगा।

सिविल अस्पताल जिस जगह बना है वह जमीन विभाग के नाम नही है। अस्पताल प्रबंधन के पास भी कोई रिकॉर्ड नही है

                   सर्वेश यादव

               एसडीएम सुसनेर

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