श्री गुर्जर गौड़ ब्राम्हण समाज के श्री सत्यनारायण मन्दिर में हुई भगवान की भव्य प्राण प्रतिष्ठा

राजेश माली सुसनेर

श्री गुर्जर गौड़ ब्राम्हण समाज के श्री सत्यनारायण मन्दिर में हुई भगवान की भव्य प्राण प्रतिष्ठा

सुसनेर। स्थानीय वार्ड 3 व 4 में सत्यनारायण गली में स्थित श्री गुर्जर गौड़ ब्राम्हण समाज के श्री सत्यनारायण मन्दिर जो कि नगर का ऐतिहासिक एवं पौराणिक मन्दिर में रविवार को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त में भगवान श्री सत्यनारायण, श्री शिव पार्वती परिवार, संकट मोचन हनुमानजी, महर्षि गौतम, मां सरस्वती, मां गायत्री सहित मन्दिर में पूर्व से विराजित लड्डू गोपाल की भव्य प्राण प्रतिष्ठा की गयी। उक्त सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव जो कि विगत 1 जुलाई से प्रारम्भ हुआ था जिसमे प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 12 बजे एवं दोपहर 3 बजे शाम 6 बजे तक दो शिफ्ट में भगवान का पूजन एवं हवन यज्ञ में आहुति दी जा रही थी एवं प्रतिदिन शाम को आरती के साथ प्रसादी वितरण किया जा रहा था।

इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का भी भगवान की भव्य प्राण प्रतिष्ठा के साथ एवं मन्दिर कलश विराजित होने के साथ महाआरती एवं महाप्रसादी के साथ समापन हुआ। उक्त सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम एवं यज्ञ नगर के पंडित वेदप्रकाश भट्ट, पण्डित गोविंद शर्मा सहित पांच पंडितों के माध्यम से पूजन अर्चन एवं हवन यज्ञ कर भगवान की भव्य प्राण प्रतिष्ठा विधि विधान से की गई। उक्त जानकारी श्री सत्यनारायण मन्दिर समिति ट्रस्ट के सदस्यों ने दी। भगवान की प्राण प्रतिष्ठा में सभी नगर एवं सर्व समाज के लोगो ने भी रविवार 7 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे महाआरती में सम्मलित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया एवं महाप्रसादी ग्रहण की। स्मरण रहे उक्त मन्दिर सैकड़ो वर्ष प्राचीन होकर उक्त मन्दिर जीर्ण शीर्ण अवस्था मे हो गया था। जिसका समाज जनों ने जीर्णोद्धार का वर्ष 2022 में बीड़ा उठाया था। जिसमे तत्कालीन विधायक राणा विक्रमसिंह ने अपनी विधायक निधि से 5 लाख का योगदान देकर जीर्णोद्धार की शुरूआत की थी। उसके बाद सभी समाजजनों एवं युवाओं ने मिलकर उक्त मन्दिर में पचास लाख से अधिक का निर्माण कार्य करवा कर इस मंदिर को भव्य रूप दे दिया। आज ये मन्दिर किसी राजमहल जैसा दिखाई देता है

चित्र 1 : सुसनेर में श्री सत्यनारायण मन्दिर जीर्णोद्धार के बाद अब महलनुमा दिखाई दे रहा है।

चित्र 2 : मन्दिर में चल रहे सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुआ।

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