सुसनेर। स्थानीय इतवारिया बाजार में भावसार गली में स्थित श्री चतुर्भुजनाथ भावसार समाज मंदिर में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन नगर के समस्त भावसार समाज जनों द्वारा सोमवार की देर शाम को किया गया। इस अवसर पर भगवान चतुर्भुजनाथ को 56 पकवानों का भोग लगाकर आरती की गई। महाआरती के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्यकार डाक्टर रामप्रताप भावसार सुसनेरी, बालकिशन भावसार, सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु भावसार, पण्डित वेदप्रकाश भट्ट, गोविंद भावसार, धीरेंद्र भावसार, ओमप्रकाश भावसार, शिवनारायण भावसार, रमेश भावसार, मनोहर भावसार, दिनेश भावसार, आदित्य भावसार, हेमन्त भावसार, दीपक भावसार, नरेश भावसार, कमल भावसार, सुनील भावसार, भरत भावसार, आदित्य भावसार, नीरज भावसार, नवीन भावसार, मांगीलाल भावसार, ऋषि भावसार, विजय भावसार आदि उपस्थित थे। महाआरती पण्डित ब्रम्हप्रकाश भट्ट ने सम्पन्न करवाई। दीपावली के दूसरे दिन से प्रारम्भ होने वाले अन्नकूट महोत्सव को गोवर्धन पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह महोत्सव द्वापर युग से चली आ रही परंपरा है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र को ब्रजवासियों से बचाने के लिए सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था इस दिन गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजा की जाती है। ये महोत्सव सभी हिन्दू समाजजनों द्वारा पूरे कार्तिक माह में मंदिरों में आयोजित किया जाता है। अन्नकूट महोत्सव पर भगवान को 56 तरह के भोग लगाए जाते हैं।
अन्नकूट महोत्सव के दिन भजन-कीर्तन और आरती की जाती है। अन्नकूट महोत्सव पर प्रसाद वितरण किया जाता है। अन्नकूट महोत्सव सामाजिक एकता और समन्वय का संदेश देता है।
चित्र : सुसनेर के भावसार समाज ने किया अन्नकूट महोत्सव का आयोजन।
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