पेट पालने के लिए लोगों को क्या-क्या नहीं करना पड़ता ऐसा ही एक नजारा सुसनेर नगर में देखने को मिला ,गरीबी क्या-क्या नहीं करवा सकती जान जोखिम में डालकर दिखाते हैं कर्तव्य

राजेश माली सुसनेर

पेट पालने के लिए लोगों को क्या-क्या नहीं करना पड़ता ऐसा ही एक नजारा सुसनेर नगर में देखने को मिला ,गरीबी क्या-क्या नहीं करवा सकती जान जोखिम में डालकर दिखाते हैं कर्तव्य

*सुसनेर नगर में एक ऐसा नजारा देखने का मिला जिससे लोगों आचार्य जनक रूप से हो गए जी हां गरीबी होने के कारण बच्चों ने अपने पेट पालने के लिएके लोग अपने जीवन को दांव पर लगाकर अपना हुनर दिखाते हुए नजर आए हर चौराहे पर अलग-अलग प्रकार से करतब दिखाई गई जैसे की पर कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग मोडी चौराहा पर तो डाक बंगला चौराहा,मंडी गेट चौराहा, जैसे कई अन्य चौराहे पर गरीब लोगों ने अपने बच्चों को हुनर के रूप में पेट पालने के लिए रस्सी पर चलना, रस्सी पर रिंग को घुमाना, रस्सी पर थाली में चलना, रस्सी पर ही डांस करना, जिससे कई अन्य प्रकार की छबिया दिखाई गई जिससे लोगों को आकर्षित के साथ-साथ आश्चर्यचकित हो गए और करतब दिखाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हुए राजा नट ने बताया कि हमारे परिवार में पाठ सदस्य हैं पिता संजोग नट माता का नाम पायल नाथ और मेरी बहन का नाम रागिनी है और हम लोग हमारा पेट एवं हमारा परिवार का पालन पोषण करने के लिए यह कार्य करते हैं इसमें हमारी जान भी जा सकती है परंतु क्या करें गरीबी हम लोगों से यह सब करवा रही है हम लोग छत्तीसगढ़ जिला शक्ति से अपना पेट पालने के लिए इधर-उधर परिवार को लेकर घूमते रहते हैं जिससे हमारा परिवार का गुजारा बसर होता रहता है परंतु हम लोगों की कोई सूद लेने वाला नहीं है*

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