इंदौर हादसे का असर- सुसनेर में पेयजल और पाइपलाइन की हो रही है जांच, सीएमओ ने कर्मचारियों को दिया स्वच्छ पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी
सुसनेर। इंदौर की घटना के बाद प्रदेश के सभी नगरीय निकाय पेयजल व्यवस्था की समीक्षा और जांच में जुट गए हैं। इसी कड़ी में रविवार को अवकाश के भी नगर परिषद सुसनेर के सीएमओ ओपी नागर के निर्देश पर इंजीनियर अरविंद सिंह बघेल की देख रख में सुसनेर क्षेत्र की पेयजल सप्लाई करने वाली टंकियां साफ की गईं। जहां पानी की टंकी की सफाई के दौरान इंजिनियर अरविंद सिंह बघेल ने खुद टंकी में उतर गए और सफाई कर रहे कर्मचारियों का सहयोग किया।
कर्मचारियों को दिया स्वच्छ पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी
नगर परिषद सुसनेर सीएमओ ओपी नागर ने बताया कि इंदौर में दूषित पानी पीने से संक्रमण फैलने और लोगों की मौत होने के बाद सुनिश्चित किया जा रहा है कि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके। इसके लिए सीएमओ नागर ने सभी जलप्रदाय शाखा के कर्मचारियों-अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देकर कहा है कि शहरवासियों को साफ और स्वच्छ पानी मिले, इसकी जिम्मेदारी आपकी है। इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
इंदौर के भागीरथपूरा में प्रदूषित पानी पीने से 15 लोगो की मौत का मामला पूरे देश में छाया हुआ है। इसके चलते शासन ने नगरीय निकायों में पेयजल टंकियो एवं जलापूर्ति के पानी की जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके चलते शनिवार की शाम को 4 बजे पीआईयू उज्जैन की टीम सुसनेर भी पहुंची थी। पीआईयू उज्जैन की इंजीनियरिंग शिला दांगी ने वार्ड 10 की हरिनगर कालोनी व तहसील रोड़ स्थित पेयजल टंकी के नीचे नल से पानी के सेम्पल लिए थे। उसके बाद परसुलिया रोड पर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचकर यहां से भी नगरवासियों को प्रदाय किये जाने वाले जल में से सेम्पल लिए। उसके बाद प्लांट की लैब में मल्टी अर्बन कम्पनी के केमिस्ट सुनील पाटीदार ने उक्त सेम्पलो की जांच की जिसमे पानी पीने योग्य पाया गया था। पानी का टीडीएस 165.5 व पीएच मान 7.12 पाया गया था। उसके बाद पानी का क्लोरीन भी टेस्ट किया गया था। जिसमें 0.4 पाया गया। इस दौरान नप के इंजीनियर अरविंद बघेल, लेखापाल जमीउल रहमान, स्टोर कीपर अखलाख खान, हितेश जैन, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
पुरानी पेयजल टंकी की कब होगी सफाई, बीते वर्षो निकला था प्रदूषित पानी
तहसील रोड़ पर नगर परिषद के पुराने आवासीय भवनों के समीप ही पुरानी पेयजल टँकी बनी हुई है। जिसमे से वर्तमान स्थिति में आधी से ज्यादा आबादी को पेयजलापूर्ति के जरिये नलों के माध्यम से नगरवासियों को जलप्रदाय किया जा रहा है। इसकी सालों से नगर परिषद के द्वारा सफाई नही करवाई गई है, इस टँकी में से कुछ सालों पूर्व पक्षियों की बिट बड़ी मात्रा में पाई गई थी जिससे पानी प्रदूषित पाया गया था और इसी पानी के पीने से बस स्टैंड के आसपास के कुछ लोगो की तबीयत भी खराब हुई थी। ऐसे में नगरवासियों ने एक बार फिर से पुरानी पेयजल टँकी की सफाई करवाए जाने की मांग नगर परिषद के जिम्मेदारो से की थी। रविवार को अवकाश के होने के बावजूद सीएमओ ओपी नागर ने पेयजल कर्मचारियों से इंजीनियर अरविंद सिंह बघेल की देखरेख में नई एवं पुरानी सभी टंकियों की सफाई कराई।
“पुरानी पेयजल टँकी की सफाई नगर परिषद के द्वारा समय-समय पर करवाई जाती है। नगरवासी को शुद्ध पेयजल प्रदाय हो इसी उद्देश्य है वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर पानी की जांच की गई है पानी शुद्ध पाया गया है। रविवार को एक बार फिर से टँकी की सफाई करवाई गई।” ओपी नागर, सीएमओ नगर परिषद सुसनेर
Leave a Reply