खकनार क्षेत्र के 67 गांवों में स्वच्छता की अलख –आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम भारत द्वारा जागरूकता अभियान
खकनार। आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम भारत संस्था द्वारा खकनार संकुल अंतर्गत 67 गांवों में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वच्छता रैली, हाथ धुलाई जागरूकता कार्यक्रम, सामूहिक श्रमदान, पौधरोपण तथा जैविक व प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिल रही है।
गांव-गांव निकाली जा रही स्वच्छता रैली में महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता, घर व आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। इस दौरान हाथ धुलाई की सही विधि का प्रदर्शन कर बच्चों व महिलाओं को व्यवहारिक जानकारी भी दी गई।
संस्था के कृष्णपाल सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता तभी संभव है जब हर व्यक्ति स्वयं की स्वच्छता, घर की स्वच्छता और गांव की स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझे। इसी उद्देश्य से खकनार ब्लॉक के सभी 67 गांवों में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संकुल प्रबंधक अर्जुन विश्वकर्मा ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को जागरूक कर उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन से संबंधित समुचित जानकारी देना है। संस्था द्वारा समय-समय पर पौधरोपण, वाड़ी रोपण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाते हैं, जिससे ग्रामीणों की आमदनी बढ़े और पर्यावरण सुरक्षित रहे।
ग्राम रगई के देवका सुनील ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद स्वच्छता का महत्व और अधिक बढ़ गया है। हमें स्वच्छता की आदत को जीवनशैली में शामिल करना चाहिए। संस्था द्वारा बच्चों को हाथ धुलाई के नियमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी है।
इस अभियान को सफल बनाने में पूजा गुप्ता, प्रीत अंकेल, गणेश जगताप, धर्मेन्द्र पाटीदार का विशेष सहयोग रहा, वहीं अक्षय सादेकर एवं नितेश राठौड़ द्वारा गांव-गांव जाकर निरंतर आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन कार्यक्रमों से गांवों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है और लोग स्वयं आगे बढ़कर सफाई अभियान में भाग ले रहे हैं। यह पहल निश्चित रूप से स्वस्थ, स्वच्छ और जागरूक गांवों के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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