विश्व के 100 से अधिक देशों में हुआ एक साथ आयोजन महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग में हुआ IUPAC GWB 2026 संगोष्ठी का आयोजन
स्थानीय शासकीय महाविद्यालय मनावर के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय संघोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ आर सी पाटिल सर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। विभाग की डॉक्टर निशा गर्ग ने बताया कि यह संगोष्ठी आईयूपीएसी ग्लोबल वूमेन ब्रेकफास्ट डे के अंतर्गत रसायन शास्त्र के शिक्षक संघ होमी भाभा रिसर्च सेंटर मुंबई के द्वारा प्रतिवर्ष संचालित किया जाता है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से विज्ञान में महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे विश्व में 10 फरवरी को एक साथ अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए, विद्यालय और महाविद्यालय द्वारा आयोजित किया जाता है ।पूरे विश्व में लगभग 100 देशों में अनेक जगह पर एक साथ आयोजित किया गया। महाविद्यालय में यह कार्यक्रम संगोष्ठी के तौर पर *भारतीय महिलाओं की विज्ञान में भूमिका* विषय पर आधारित था इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर मौली थॉमस पीएमसीओई चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय सीहोर से थी ।उन्होंने उपरोक्त विषय पर व्याख्यान देते हुए भारत में विभिन्न महिलाओं का विज्ञान में भागीदारी जैसे कमल रणदीप , कमल सोहनी, पीके जानकी अमाल, राजेश्वरी चटर्जी, डॉ अन्नामनी, असीमा चैटर्जी,डॉक्टर ऐन.कलाई सेल्वी, टेसी थॉमस, डॉ गगनदीप कांग किरण मजूमदार शाह, जो की बायोकेम लिमिटेड एंड बायोटेक्नोलॉजी कंपनी की अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर है, भारत की ही डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की 2019 से के मुख्य साइंटिस्ट है।
विभाग अध्यक्ष डॉ अशोक बघेल डॉ वैशाली जोशी,प्रोफेसर सचिन रोचक तथा डॉक्टर जी.एस. वास्केल की कार्यक्रम आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्राचार्य डॉक्टर आर .सी. पांटेल प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टर ईश्वर सिंह सस्त्या के मार्गदर्शन एवं सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपादित हो पाया। आईयूपीएसी ग्लोबल वूमेन ब्रेकफास्ट 2026 के राष्ट्रीय संयोजक डॉ विजेंद्र सोलंकी सर का भी कार्यक्रम में विशेष योगदान रहा ।इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न सहायक अध्यापक डॉ संगीता डाबर प्रोफेसर अजय सोलंकी ,अपील मुवेल मोहित सोनी ,डॉक्टर डी आर यादव श्रीमती छाया किनारे, विकास कटारे, सुनील भवेल आदि के साथ-साथ अन्य सहायक अध्यापक भी उपस्थित रहे ।इस कार्यक्रम में लगभग 100 से 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया डां जी.एस. वास्केल ने मुख्य वक्ता तथा सभी उपस्थित प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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