अजाक्स संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,पदोन्नति, बैकलाक पदों पर भर्ती, विद्यार्तियों की छात्रवृत्ती,पुरानी पेंशन बहाली सहित 26 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
SJ न्यूज़ सोण्डवा तहसील रिपोर्टर मोहसिन मंसूरी की रिपोर्ट
अजाक्स संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,पदोन्नति, बैकलाक पदों पर भर्ती, विद्यार्तियों की छात्रवृत्ती,पुरानी पेंशन बहाली सहित 26 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
अलीराजपुर:- मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति – जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ के आह्वान पर पूरे प्रदेश में चरणबंध ज्ञापन दिए जा रहें हैं। उसी परिपेक्ष में जिले में भी प्रथम चरण में सोंडवा, कट्ठीवाडा एवं जोबट में भी अजाक्स जिलाध्यक्ष रतनसिंह रावत के नेतृत्व में दिया ज्ञापन सौंपे गये हैं। सोंडवा में माननीय मुख्यमंत्री के नाम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के प्रतिनिधि लक्ष्मण जमारा तहसीलदार को 26 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया हैं।
ज्ञापन के माध्यम से निम्न प्रमुख मांगे रखी गईं हैं-
१. मध्यप्रदेश के स्पेशल कौसिल एवं मानीय सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री मनोज गोरकेला द्वारा बनाये गये वीन पदोन्नति नियम को शीघ्र लागू किया जायें।
2. शासन के अधीनस्थ विभिन्न विभागों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के रिक्त बैकलॉक के पदों की पूर्ति की जायें।
3 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति समय पर दी जायें।
4. माध्यप्रदेश के लोकसेवाकों के हितों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था शीघ्र लागू की जायें।
5. आरक्षण अनुसार पी.सी . पास अतिथि विद्वानों का शीघ्र नियमितीकरा किया जानें।
6. अनसूचित जाति/जनजाति वर्ग के कल्याण हेतु विशेष घटक योजनाओं में प्रावधानित बजट की शत-प्रतिशत राशि को हितग्राही मूलक मद में ही व्यय किया जायें।
7. चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सा महाविद्यालयों का स्वास्थ्यकरण कर विषयवार एवं कालेजवार एकल पोस्ट कर पद समाप्त कर दिये गये है। इसलिए इनमें रोस्टर प्रणाली लागू इनका रोस्टर राज्य स्तर पर बनाया जाकर भर्ती की जायें। चूंकि इन पदों का वेतन भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाता है।
8. चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पद नियमित पदस्थाना के द्वारा भरे जावे।
9. लो. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सवैधानिक अनुच्छेद एवं ख) की निर्धारित म.प्र लो. सेवा (अनुसूचित जातीयों, अनुसूचित जनजातीयों एवं अन्य पिछड़ा चगों के लिये आरक्षण) अधिनियम, 1994 का उल्लंघन कर की गई नियुक्तियों को शून्यकरणीय घोषित कर बनाये गये नियम को निरस्त किया जावे अथया ताकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूबित जनजाति के पद आरक्षित हो सकें।
10. वित विभाग द्वारा प्रकाशित मध्यप्रदेश राजपत्र (असत्धारण) क्रमांक 569 भोपाल दिनांक 6 अक्टूबर 2018 एवं इसके आधार पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रकाशित मध्यप्रदेश राजपत्र असाधारण क्रमांक चार 440 भोपाल दिनांक 2 अगस्त 22 के मध्य प्रदेश लोक अधिनियम 1994 तथा सशोधित अधिनियम 1994 अनुसार संशोधित करने के परिणामस्वरूप् चयन कर की गई समस्त भर्तियों को शन्यकरणीय घोषित कर बनाये गये नियम को निरस्त किया जावे अथवा इसमें संशोधन कर आरक्षण अधिनियम 1994 में निर्धारित प्रतिशत को लागू किया जावे ताकि अनुसूचित जाति एवं अनूसूचित जनजाति के पद आरक्षित हो सकें।
11. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विशेष बैकलॉग भर्ती अभियान के तहत म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित उच्च शिक्षा विभाग के महाविद्यालयों में वर्ष 2004 से 2006 के मध्य नियुक्त 528 के बैलोंग सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर नियुक्ति दिनांक से 2 वर्ष पश्चात परीवीक्षा अवधि समाप्त कर वेतनमान एवं समस्त लाभ दिया जावे जिस प्रकार पूर्व में भी अनारक्षित वर्ग के प्राध्यापकों के प्रकरण में किया गया है भेदभाव की नीति समाप्त की जाये।
12. निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू किया जाये।
13. जिन उद्योगों को शासन द्वारा सबसिडी दी जा रही है उनमें आरक्षण अधिनियन 1994 लागू किया जाये।
14 भूमि सुधार अधिनियम लागू करते हुए जनसंख्या के आधार पर भूमि का आवंटन किया जाकर भागीदारी दी जायें।
15. सिविल जजों की भर्ती में 40 प्रतिशत इंटरव्यू में पारा होना अनिवार्य कर दिया गया है जिसके कारण इंटरव्यू प्रथा को समाप्त कर लिखित परीक्षा को ही मान्य किया जायें।
16. जिला न्यायालयों में शासकीय अधिवक्ताओं एवं नोटरी की नियुक्तियों में आक्षण लागू किया जाकर भागीदारी दी जाये।
17. दिनांक 01.07.2018 को अध्यापक संवर्ग से नवीन शैक्षणिक सवर्ग में नियुक्त कर्मचारियों की सेवा अवधि की गणना में वरिष्ठता दिनांक से मान्य की जायें।
18. मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में मुख्य अभियंता की नियमित पदस्थापना के विरुद्ध कनिष्ठ कार्यपालन यंत्री की पदस्थापना को निरस्त कर नियमित मुख्य अभियंता की पदस्थापना की जाए एवं भेदभाव की अनियमित आदेश करने बाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जायें।
19. नगर पालिका नगर निगम नगर पंचायतों में सफाई का कार्य ठेका पद्धति से बंद कर संविदा/नियमित की जाकर पूर्व से कार्यरत सफाईकर्मियों को नियमित किया जायें।
20 माध्यप्रदेश लोकसेवा आसयोग द्वारा परीक्षा परिणाम दिनांक 06 दिसम्बर 2022 में प्रदत्त साक्षात्कार अंको की जांच करवाते हुए म.प्र. लोकसेवा आयोग, व्यापम, विभागीय परीक्षाओं सहित सभी चयन परीक्षाओं में साक्षात्कार की प्रक्रिया को समाप्त किया जावे।
21. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति युवा संघ (नाजी) के युवाओं पर थाना जहांगीराबाद भोपाल में दर्ज प्रकरण क्रमांक 875/2016 की तत्काल वापस किया जावें।
22 शासकीय अनुदान प्राप्त मंदिरों/पूजा स्थलों में जहां पर अनुरक्षण संधारण एवं निर्माण कार्यों पर शासन का पैसा खर्च होता है वहां पर आरक्षण लागू कर जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के पुजारियों की नियुक्ति की जाकर भागीदारी दी जायें।
23. सविधान में निहित प्रावधानों के विरूद्ध बयान देने वालों, संविधान की अवमानना करने वाली तथा संविधान विरोधी प्रदर्शन करने वालों पर देशद्रोह का प्रकरण दर्ज किया जावे, मुकदमें दर्ज किये जायें एवं जिस प्रकार अन्य अपराधियों की संपत्ति ध्वस्व की जाती है उसी प्रकार संविधान का विरोध करने वाले लोगों की संपत्ति को भी ध्वस्व किया जायें।
24. अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के आवेदन की ही एफ आई आर. माने जाये एवं तत्परतापूर्वक समुचित कार्यवाही न करने वाले थाना प्रभारी पर अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाये शासन द्वारा ऐसा आदेश जारी किया जायें जिससे कि प्रदेश अनुसूक्ति जाति अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के आवेदन को ही एफ.आई.आर. माने जावें एवं तत्परतापूर्वक समुचित कार्यवाही न करने वाले थाना प्रभारी पर अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जायें शासन द्वारा ऐसा आदेश जारी किया जायें जिससे कि प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जजाति के प्रति अत्याचारों में लगातार होने वाले वृद्धि को रोका जा सके।
25 संविदा कर्मचारी को नियमित किया जाए।
26. माननीय सर्वोच्य न्यायालय ने पुनः बी.के पवित्रा एण्ड अदर्स वर्सेस भारत सरकार एण्ड अदर्स प्रकरण क्रमांक 1151 व 2018 एवं पैरा 2366 व 211 में दिनांक10.05.2019 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय के पैरा 125-126 मैं उल्लेखित किया है कि पदौन्नति आरक्षण में कोई मैरिट का कान्सेप्ट नहीं है जबकि प्रत्येक स्तर पर प्रतिनिधत्व प्राप्त करने का एक माध्यम है साथ ही पैरा 138 में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रमाणित वरिष्ठता प्रत्येक स्तर पर सवैधानिक लक्ष्य को प्राप्त करने एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। उपरोक्त अनुसार संविधान के अनुच्छेद 14-15 एवं 16 व माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 9 जजो 7 जजो. 5 जजो एवं 2 जजों के निर्णयों से स्पष्ट है कि प्रतिनिधित्व/आरक्षण मौलिक अधिकार है एवं इसे देना राज्य का कर्तव्य है जबकी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों से पदौन्नति नियम का जो ड्राफ्ट तैयार रखा है को लागु नहीं किया जा रहा है।
अजाक्स जिलाध्यक्ष रतनसिंह रावत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री मनोज गोरकेला द्वारा तैयार किया गया पदौन्नति नियम ड्राफ्ट जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधिश एवं माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश द्वारा संविधान एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय को निर्देशों के अनुरूप सही बताया है को लागू कर सभी वर्गों को पदौन्नति देने हेतु निर्देशित करने की मांग की जाती हैं। इस अवसर पर अजाक्स अध्यक्ष रतनसिंह रावत, आकास जिलाध्यक्ष भंगुसिंह तोमर,आकास जिला उपाध्यक्ष बाहदुर सिंह रावत,अजाक्स ब्लाक कार्यवाहक अध्यक्ष रायसिंह आवासिया,रमेश डावर, वीरेंद्रसिंह चौहान,सुरेश अवासिया,सुबालिया भाई, किसमल डावर,राकेश रावत, मनोहर सिंह सोलंकी,वैस्ता भिंडे, विजय तोमर आदि उपस्थित थे।
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