संतों का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत-दिलीप पाण्डेय
*साधु संत हमारे देश के सिरमौर और पीड़ित मानवता के सच्चे सेवक हैं है: दिलीप पांडे*
उमरिया
सनातन धर्म और संस्कृति से परहेज कांग्रेस का डीएनए भी अपने आप में कांग्रेस की एक परंपरा को उजागर करता हैl भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान जिला अध्यक्ष श्री दिलीप पाण्डेय ने मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह का पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी व प्रभारी हरीश चौधरी की उपस्थिति में साधु-संतों को लेकर दिये बयान की घोर निंदा की है। इससे न सिर्फ कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई है बल्कि करोड़ों हिन्दुओं की भावना को भी ठेस पहुंची है।पाण्डेय जी ने कहा कि मध्यप्रदेश में जनता द्वारा पूरी तरह से नकार दिये गए कांग्रेस नेताओं के अमर्यादित बयान उनकी बौखलाहट बताती है। हिंदू धर्म को लेकर कांग्रेस की नफरत भी किसी से छिपी नहीं है, ऐसे में संतों पर कांग्रेस विधायक की अमर्यादित टिप्पणी पर कांग्रेस नेतृत्व की मौन सहमति शर्मनाक है। श्री पांडे ने कहा किश्री पांडे ने कहा कि साधु – संतों के खिलाफ इस घटिया और अमर्यादित बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व सार्वजनिक रूप से साधु – संतों समेत संपूर्ण हिंदू समाज से माफी मांगे एवं संतों का अनादर करने वाले अपने विधायक के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करे।कभी सनातन की तुलना मलेरिया – डेंगू से तो कभी भगवा की आतंकवाद से और अब साधु-संत को सांड बता रही कांग्रेस! नेहरू से लेकर सोनिया राहुल तक सभी की मानसिकता हिन्दू विरोधी है। हिन्दुओ का उपयोग केवल बोटबैंक के लिए काग्रेस करती है। हिन्दुओ का वोट अर्जित करने हेतु काग्रेसी मंदिर मंदिर भटकते है। मंदिर की यात्रा कर हिन्दुओ को छलने का कार्य करते है। और बाद में हिन्दू संतो का अपमान करते है। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने साधु-संतों को अपमानित कर कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता को एक बार फिर उजागर किया है।यही कारण है कि जनता देशभर से कांग्रेस को साफ करती जा रही है। काग्रेस बचेगी तो हिन्दू खत्म होगा हिन्दू जागरूक होगा तो काग्रेस खत्म होगी। भारत के बहुसंख्यक समाज को इसका चिंतन करना चाहिये। काग्रेस यानी मुस्लिम लीग काग्रेस वह पार्टी है जो सत्ता के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है। सत्ता प्राप्ति के लिए काग्रेस ने भारत का विभाजन किया है। सत्ता के लिए इंद्रा ने कानून संविधान को बंधक बनाकर आपातकाल लगाया था। आपातकाल में राष्ट्र वादियों को चुन चुनकर जेल भेजा गया था। संविधान की मूल प्रति में सेकुलरिज्म शब्द कही नही था आपातकाल लगाकर काग्रेस ने बाबा साहब के बनाये संविधान को तार तार किया था।
हिन्दुओ से दोयम दर्जे का ब्यौहार काग्रेस ने सदैव किया है बीते दिनों कर्नाटक का बजट देखकर लग रहा था कि यह भारत के राज्य का नही पाकिस्तान का बजट है। काग्रेस जिस भी राज्य में सत्ता में है वहां हिन्दुओ के आरक्षण पर सेंधमारी कर रही है। बाबा साहब ने आरक्षण की ब्यबस्था हिन्दुओ के कमजोर वर्ग के लिए की है न कि मुसलमानों के लिए। काग्रेस का एक मात्र लक्ष्य हिन्दुओ का अपमान करना मात्र है। तीर्थराज में सम्पन्न हुए महाकुम्भ 2025 में विश्व भर के प्रबुद्धजनों महान हस्तियों ने श्रद्धा की डुबकी लगाई है। 70 करोड़ भक्तों का तीर्थराज आगमन हुआ था। हिन्दुओ के महापर्व पर काग्रेस नेताओ ने अनर्गल टिप्पणी की थी काग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि महाकुम्भ स्नान पर गरीबी दूर नही होगी। अब मै पूछना चाहता हूं कि इफ्तार में जाने से कौन सी गरीबी दूर हो गई। हिन्दुओ के त्योहारों का विरोध करने वाले लोग गैर हिन्दुओ के पर्वो पर कुछ बोलने की हिम्मत क्यों नही जुटा पाते।कोरोना काल मे हमने थुकलगी जमात के काले कृत्यों को भी देखा है। हिन्दू विरोधी मानसिकता से युक्त काग्रेशियो को यह भी ध्यान रखना चाहिये कि कोरोना काल मे जब कुछ लोग जान बूझकर प्रसाशन पर बोझ बन रहे थे महामारी फैलाने हेतु थूक रहे थे तब हिन्दू संतो ने मठ मंदिरों आश्रमो को अस्थाई अस्पताल बनाकर प्यासी मानवता की सेवा हेतु समर्पित कर दिया था। त्याग तपस्या मानव सेवा का पर्याय है हमारे पूज्य संत। संतो पर अभद्र टिप्पणी करने वाले किसी भी कीमत पर नही बख्शे जायेगे। संतो का अपमान नही सहेगा हिंदुस्तान।
Leave a Reply