मध्यप्रदेश पंचायत सचिवों में आक्रोश, 26 मार्च से सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी
गुना। पंचायत सचिवों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर मध्य प्रदेश पंचायत सचिव संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा। सचिवों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 मार्च से 1 अप्रैल तक प्रदेश की 23,000 पंचायतों के सचिव सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
1. पंचायत सचिवों को हर माह की 1 तारीख को वेतन दिया जाए।
2. समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए।
3. शासकीय कर्मचारी की तरह सभी सुविधाएं लागू की जाएं।
4. प्रदेश की 313 जनपदों में नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
5. 5वें और 6वें वेतनमान की गणना सेवा काल से की जाए।
6. अनुकंपा नियुक्ति में पिछड़ा वर्ग और वंचितों को 100% लाभ दिया जाए।
7. विभाग में संविलियन की मांग को जल्द लागू किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष बृज रघुवंशी ने बताया कि अगर सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो सामूहिक अवकाश को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। इस दौरान बमौरी, गुना, राधौगढ़, आरोन और चाचौड़ा जनपदों के पंचायत सचिव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अगर पंचायत सचिव सामूहिक अवकाश पर जाते हैं, तो ग्रामीण विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और पंचायत स्तर की प्रशासनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है। सचिवों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
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