मुस्लिम लीग का आधुनिक संस्करण है कांग्रेस-दिलीप पाण्डेय

संजय तिवारी उमरिया

मुस्लिम लीग का आधुनिक संस्करण है कांग्रेस-दिलीप पाण्डेय

 *उमरिया कर्नाटक सरकार लगातार कर रही हिंदू समाज का अपमान: दिलीप पांडे*

पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर अभी तक काग्रेस मे एक समानता निरंतर चली आ रही है। वह है हिन्दू विरोध। हिन्दुओ का उपयोग काग्रेस वोट बैंक के रूप में करती है। सत्ता प्राप्त होते ही लग जाती है तुष्टिकरण और सनातन विरोधी कार्यो को अंजाम देने में। काग्रेस पूर्णरूप से हिन्दू विरोधी विचारों और कार्यो से भरी है। हम बात करे कर्नाटक के नाटक की तो कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में ठेकेदारों को धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था का प्रावधान करना अनुचित एवं निंदनीय है। लोकतांत्रिक देश में इस तरह किसी धर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-प्रावधान कैबिनेट से पास कर लागू करना, यही कांग्रेस का अनैतिक चरित्र है।दलित, पिछड़े और समाज के वंचित लोगों के उत्थान के लिए भाजपा सरकार निरन्तर काम कर रही है; जिससे सभी वर्गों को समाज में पूर्ण सम्मान और अधिकार मिल सके। इतिहास साक्षी है कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान के मूल्यों का सम्मान करने की बजाय जातिगत पक्षपात और समाज के विभिन्न वर्गों में भेदभाव की भावना पैदा करने में मुख्य योगदान दिया है। कांग्रेसी भारत जोड़ो नहीं, भारत तोड़ो की विचारधारा पर काम कर रहे हैं और कर्नाटक सरकार का यह फैसला इसी अपशिष्ट राजनीति का उदाहरण है।

निवर्तमान जिला भाजपा अध्यक्ष श्री दिलीप पाण्डेय जी ने कहा कि इस तरह के धर्म आधारित फैसलों के विरुद्ध पूर्व में भी कई बार माननीय न्यायालयों द्वारा निर्णय दिए गए हैं और इस बार भी कांग्रेस सरकार का यह फैसला न्यायालय में नहीं टिक पाएगा।मैं धर्म आधारित इस आरक्षण की कड़ी आलोचना करता हूं और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में बैठे रिमोट से चलने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे जी से कहना चाहूंगा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के तुष्टिकरण के फैसले को वापस कराने के लिए उचित कार्रवाई करें। यह बिल्कुल भी उचित नही होगा कि बहुसंख्यक समाज के साथ कर्नाटक सरकार दोयम दर्जे का ब्यौहार करे। भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी काग्रेस पूर्णरूप से विकाश कार्यो पर ग्रहण बनकर टूट पड़ी है। काग्रेस को आखिर इतनी नफरत हिन्दुओ से क्यों है जो लगातार हिन्दू विरोधी राष्ट्र और प्रदेश विरोधी फैसले ले रही है। कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण कानून भाजपा सरकार ने बनाया था वह था धर्मांतरण विरोधी कानून किन्तु कर्नाटक में काग्रेस सत्ता में आते ही उस महत्वपूर्ण कानून को छत बिछत कर दिया । आखिर काग्रेश क्यों चाहती है कि मिशनरी भोले भाले हिन्दुओ को लोभ लालच देकर या डरा धमकाकर धर्मांतरित कर दे।

मैं आपको एकदम सीधे शब्दों में बता देता हूँ कि कर्नाटक का बजट क्या है, आप देखकर ये समझ ही नही पाएंगे कि यह बजट कर्नाटक का है या पाकिस्तान का। ₹1000 करोड़ ‘अल्पसंख्यक विकास’ के नाम पर – खुला तुष्टिकरण!₹150 करोड़ वक्फ संपत्तियों के लिए – हिन्दू मंदिरों को डोनेशन से ये हर साल सैकड़ों करोड़ कमाते हैं, वक्फ को सरकारी फंड से करोड़ों मिलते हैं!₹100 करोड़ उर्दू स्कूलों के लिए – संस्कृत और भारतीय विरासत को नज़रअंदाज़ कर इस्लामिक शिक्षा को बढ़ावा। – मौलवियों के लिए ₹6000 प्रति माह मानदेय – हिंदू पुजारियों को कुछ नहीं, लेकिन मुल्लाओं को इनाम। कैटेगरी-II B में मुसलमानों के लिए 4% ठेका आरक्षण असंवैधानिक! धर्म के आधार पर आरक्षण क्यों। मुस्लिम शादियों के लिए ₹50,000 – ग़रीब हिन्दू परिवारों में बेटियों की शादियाँ नहीं होतीं?- मुस्लिम सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ₹50 लाख – हिंदू संस्कृति और परंपराओं के लिए सहयोग कहाँ है?मुस्लिम बहुल इलाकों में नए ITI कॉलेज – ‘मुस्लिम इलाक़े’ का मतलब क्या होता है? फिर भारत हिन्दू राष्ट्र है, हिन्दू बहुल होने के कारण। मुस्लिम छात्रों को 50% फीस छूट – हिंदू छात्र नहीं पढ़ते हैं। उल्लाल में मुस्लिम लड़कियों के लिए आवासीय PU कॉलेज – हिंदू लड़कियों के लिए ऐसी व्यवस्था कहाँ है। बेंगलुरु के हज भवन का विस्तार – क्या कर्नाटक में ही मक्का-मदीना है, या फिर इस्लाम का जन्म वहीं हुआ था। – सिर्फ मुस्लिम लड़कियों के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण – हिंदू लड़कियों की सुरक्षा का क्या? लव-जिहाद की शिकार तो वही हैं। काग्रेस मुस्लिम लीग का आधुनिक संस्करण बन चुकी है। यह मदरसा छाप बजट काग्रेस की विकाश विरोधी मानसिकता का प्रतीक है। हिन्दुओ का हक मारकर तुष्टिकरण की राजनीति काग्रेस के पतन की कील बनेगी। हिन्दुओ को नीचा दिखाने हिन्दुओ को गिराने हिन्दू हितों की तिलांजलि देने के लिए काग्रेस लगातार नए नए हथकंडे अपना रही है। समय रहते हिन्दू समाज को यह समझने की जरूरत है कि चुनावो में लुभावने वादे करने और सत्ता प्राप्त होने पर वादे पूरे करने की जगह काग्रेस तुष्टिकरण पर उतर आती है। हिन्दू विरोधी कृत्य काग्रेश के रग रग में समाहित है। काग्रेस के युवराज ने तो संसद भवन में सदन के भीतर ही हिन्दुओ को हिंसक कहा था। रामजी को काल्पनिक कहने वाली काग्रेस जितनी जल्द भारत से समाप्त होगी उतनी ही जल्द भारत विकसित और समृद्धि की राह पर विजय हासिल करेगा।

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