चंदेला-बुंदेला तालाबों का सर्वेक्षण कर किया जाये डिजिटल रिकाॅर्ड तैयार
टीकमगढ़
बुंदेलखंड के पारंपरिक जल स्रोत, विशेष रूप से चंदेला-बुंदेलाकालीन तालाब, जो इस क्षेत्र की जल संरचना और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे हैं, ऐसे तालाबों के संरक्षण के लिए तालाब संरक्षण प्राधिकरण का गठन किया जाये, यह बात जल सहेलियों की जल यात्रा के दौरान आज टीकमगढ में की गई जल चैपाल में निकलकर आया। जल सहेली संगठन के सस्थापक डाॅ0 संजय सिंह ने कहा कि आज यात्रा अपने 9वें दिन टीकमगढ पहुची है,
जल यात्रा के दौरान विगत दिनों कई गांवों में चंदेला-बुदेंला तालाबों के भ्रमण के दौरान यह लगातार निकल कर आ रहा है ऐसे पारंपरिक एवं ऐतिहासिक जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश सरकार को तालाब प्राधिकरण का गठन करना चाहिए, ताकि यह प्राधिकरण तालाबों के पुनरुद्धार, संरक्षण, जल प्रबंधन के लिए प्रभावी रूप से कार्य कर सके।
पूर्व विधायक टीकमगढ़ राकेश गिरी ने यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि यह 20 दिन का पैदल मार्च जल सहेलियों द्वारा जल संचयन और जन भागीदारी को बढाने की दिशा में एक बहुत ही सराहनीय प्रयास है। देश में पहली बार ऐसा हो रहा है जब जल संरक्षण के लिए महिलाओं द्वारा एक यात्रा निकाली जा रही है। यह एक ऐतिहासिक कदम है।
टीकमगढ बीजेपी जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत ने कहा कि जल संचयन केवल एक कार्य नहीं, बल्कि एक बडा आंदोलन है, जिसे पूरे समाज को अपना कर्तव्य समझकर आगे बढाना होगा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि पानी की समस्या को लेकर संघर्ष हुए हैं, और यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रयास नहीं किए गए, तो भविष्य में पानी के लिए वर्तमान से अधिक गंभीर संकट खडा होगा, जिसका असर पूरी दुनिया मे दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जल सहेलियां इस दिशा में सराहनीय प्रयास कर रही हैं। उनका यह अभियान केवल जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदाय को जागरूक करने और जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जल सहेली पुष्पा माया ने कहा कि समुदाय के साथ-साथ अगर सरकार भी इन तालाबों के संरक्षण पर ध्यान देगी तो गांव में इन तालाबों के लिए जल प्रशासन को और अधिक प्रभावी किया जा सकता है। जल यात्रा में हम सभी जल सहेलियों का निर्णय लिया गया कि तालाब संरक्षण प्राधिकरण के लिए सरकार के साथ संवाद किया जायेगा जिससे इसके लिए प्रभावी नीति तैयार हो सके जल सहेली लक्ष्मी कुशवाहा ने कहा कि हमें अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए संगठनात्मक तरीके से काम करना होगा। सरकार प्राधिकरण बनाकर मध्य प्रदेश के सभी चंदेला-बुदेंला तालाबों का विस्तृत सर्वेक्षण करना चाहिए तथा उनकी वर्तमान स्थिति को डिजिटली रिकॉर्ड कर एक तालाब डेटा प्रबंधन प्रणाली (PDMS) विकसित किया जाये। इसमें हम सभी जल सहेलिया सहयोग देने के लिए तैयार है।
आज जल सहेलियों की जल यात्रा का आलमपुरा में संरपच दिनेश अहिरवार ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्रा टीकमगढ शहर पहुची जहां जल चैपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान सुशील राजपूत, पूर्व जिला अध्यक्ष बीजेपी, मीरा राजपूत, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बीजेपी, प्रवीण नामदेव, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा, हरीश अहिरवार, पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा, मनोज बाबू चैबे, समाजसेवी,विवेक अहिरवार सामाजिक कार्यकर्ता. पत्रकार महेन्द्र द्विवेदी सहित एक दर्जन से अधिक प्रबुद्धजन, सैकडों जल सहेली, ग्रामीणजन उपस्थित रहे
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