पौष पूर्णिमा स्नान के साथ महाकुंभ शुरू:1 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, विदेशी भक्तों ने डुबकी लगाई

पौष पूर्णिमा स्नान के साथ महाकुंभ शुरू:1 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, विदेशी भक्तों ने डुबकी लगाई

 महाकुंभ का शुभारंभ हो चुका है। पौष पूर्णिमा पर आज पहला स्नान है। इस मौके पर 1 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाएंगे। संगम नोज पर हर घंटे में 2 लाख लोग स्नान कर रहे हैं। आज से ही श्रद्धालु 45 दिन का कल्पवास शुरू करेंगे।

संगम नोज समेत करीब 12 किमी एरिया में स्नान घाट बनाया गया है। संगम पर एंट्री के सभी रास्तों में भक्तों की भीड़ है। महाकुंभ में वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। इसके चलते श्रद्धालु 10-12 किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंच रहे हैं।

60 हजार जवान सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में लगे हैं। पुलिस कर्मी स्पीकर से लाखों की संख्या में आई भीड़ को मैनेज कर रहे हैं। जगह-जगह कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात हैं।

भीषण ठंड में विदेशी भक्त भी डुबकी लगा रहे हैं। ब्राजील के आए श्रद्धालु फ्रांसिस्को ने कहा- मैं योग का अभ्यास करता हूं। मोक्ष की खोज कर रहा हूं। भारत दुनिया का आध्यात्मिक हृदय है।

एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ पहुंच चुकी हैं। उन्होंने निरंजनी अखाड़े में अनुष्ठान किया। वह कल्पवास भी करेंगी।

महाकुंभ 144 साल में दुर्लभ खगोलीय संयोग में हो रहा है। सीएम योगी ने पौष पूर्णिमा की बधाई दी। महाकुंभ को लेकर गूगल ने भी खास फीचर शुरू किया। महाकुंभ टाइप करते ही पेज पर वर्चुअल फूलों की बारिश हो रही है।

महाकुभ में पवित्र जल से स्नान और पूजा-अर्चना का सबसे बड़ा मौका होता है। माना जाता है कि कुंभ के मेले में स्नान करने से इंसान को पापों से मुक्ति मिल जाती है। समुद्र मंथन से निकले अमृत को पाने के लिए देवताओं और राक्षसों में 12 वर्षों तक युद्ध चला था। इस युद्ध के दौरान कलश में से जिन स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरीं वहां पर कुंभ मेला लगाया जाता है। 12 वर्षों तक युद्ध चलने के कारण कुंभ हर 12 साल में एक बार आता है। महाकुंभ में शाही स्नान का अपना एक अलग महत्व होता है।

बता दें, प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ का पहला शाही स्नान कल पूर्णिमा के शुभ अवसर पर होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 13 जनवरी यानी कल सुबह 5 बजकर 03 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 14 जनवरी को अर्धरात्रि 3 बजकर 56 मिनट पर होगा।

शाही स्नान करने के मुहूर्त

शाही स्नान करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 27 मिनट से सुबह 06 बजकर 21 मिनट रहेगा।

शाही स्नान करने के लिए प्रात: संध्या मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 54 मिनट से सुबह 7 बजकर 15 मिनट

शाही स्नान के लिए विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 15 मिनट से लेकर 2 बजकर 57 मिनट रहेगा

शाही स्नान के लिए विजय गोधूलि मुहूर्त- शाम 5 बजकर 42 से लेकर 6 बजकर 09 तक रहेगा

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