मौसमी बीमारी का असर: डेंगू ने पकड़ी रफ्तार, एक साथ मिले आठ नए संक्रमित मरीज,मलेरिया यूनिट ने सर्वे किया तेज, लोगों को और सावधानी बरतने की दी सलाह कैप्शन फोटो रायसेन. मलेरिया यूनिट का अमला सर्वे करते हुए।
मौसमी बीमारी का असर: डेंगू ने पकड़ी रफ्तार, एक साथ मिले आठ नए संक्रमित मरीज,मलेरिया यूनिट ने सर्वे किया तेज, लोगों को और सावधानी बरतने की दी सलाह कैप्शन फोटो रायसेन. मलेरिया यूनिट का अमला सर्वे करते हुए।
रायसेन। रायसेन से हिस्सा जिलेवार में एक बार फिर मौसमी बीमारी का असर नजर आने लगा है डेंगू ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। 8 नये डेंगू संक्रमित मरीज मिलने से मलेरिया विभाग में मच गया है ।विभाग ने सर्वे टीम भेजकर सर्वे तेज कर दिया है ।लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
बीमारी से बचने इनका ध्यान रखना जरूरी…..
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया से बचाव के लिए घर के आसपास खाली प्लाट या कंटेनर में पानी जमा नहीं होने दे। इनमें ही लार्वाजनित मच्छर सबसे अधिक पनपते हैं और लोगों को काटकर संक्रमित करते हैं। रात को सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें और बीमार हुए तो बिना किसी देरी के तुरंत ही अस्पताल में जाकर डॉक्टरों से इलाज कराए। यदि स्थिति ज्यादा ही खराब है तो मलेरिया यूनिट को सूचना देकर सर्वे भी कराए। इसके अलावा भी अन्य बचाव जरूरी है।
दवा का छिड़काव किया जा रहा है….
जिले के अलग-अलग क्षेत्र में अभी आठ नए डेंगू के मरीज मिले हैं। जिनको मिलाकर अब कुल डेंगू मरीजों की संख्या 23 हो गई है। हमारी टीम सर्वे करने में जुटी है। यदि कही लार्वा मिल रहा तो उसे नष्ट कर फॉगिंग से धुआं व दवा छिडक़ाव कराया जा रहा है।-डॉ प्रियंवदा गुप्ता जिला मलेरिया अधिकारी मलेरिया यूनिट रायसेन
डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के लिए पीक सीजन माने जाने वाले अगस्त महीने में डेंगू नेरफ़्तार पकड़ ली है। जिले में डेंगू के एक साथ आठ नए मिले संक्रमित मरीज इसकी हकीकत बता रहे हैं। इन मरीजों में ओबेदुल्लागंज के लांबाखेड़ा में दो, मंडीदीप के लुरका का एक, उमरिया में एक, सिलारी में एक, हिनोती में एक व सुल्तानगंज क्षेत्र के दो मरीज शामिल हैं। जिनको मिलाकर इस साल अब तक डेंगू के मलेरिया के 13 व चिकनगुनिया के दो मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया यूनिट में हड़कंप मचा हुआ है।
फिलहाल यूनिट का अमला शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे करने में जुटा है। सर्वे में कई स्थानों पर लार्वा मिल रहा है, जिसे मौके पर ही नष्ट कर बीमारी को कंट्रोल करने फागिंग मशीन से धुंए से स्प्रे कराया जा रहा है।
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