हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज का भव्य आयोजन, सांस्कृतिक प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
तिरला।
नगर तिरला में रविवार को हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज का भव्य आयोजन श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी सद्भाव, संगठनात्मक एकता तथा सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करना रहा।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता तरुण राठौर जिला कार्यवाह ,केसुर ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज की मजबूती उसकी संस्कृति, परंपरा और एकता में निहित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। समरसता को राष्ट्र की शक्ति बताते हुए संगठन के माध्यम से समाज को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर उपस्थित संत महंत हरिहरानंद स्वामी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि संस्कृति और संस्कार ही समाज को दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपने प्राचीन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
महिला नेत्री अर्चना मुकाती ने महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समरस और सशक्त समाज के निर्माण में नारी शक्ति की अहम भूमिका है।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं पुराने संसाधनों से रूबरू कराने के उद्देश्य से सम्मेलन स्थल पर विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्राचीन जीवनशैली, पारंपरिक उपकरण, सांस्कृतिक धरोहर एवं ऐतिहासिक महत्व से जुड़े संसाधनों को प्रदर्शित किया गया, जिसे युवाओं सहित सभी उपस्थित लोगों ने सराहा। प्रदर्शनी युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
सम्मेलन के पश्चात समरसता भोज का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन कर सामाजिक एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय आयोजक मंडल, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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