जो सबकी सुने,वो राम।जो किसी की नहीं सुने वो रावण : पं.धर्मेद्र कृष्ण नागर

राजेश माली सुसनेर

जो सबकी सुने,वो राम।जो किसी की नहीं सुने वो रावण : पं.धर्मेद्र कृष्ण नागर

सुसनेर। जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सोयतखुर्द के राड़ी के बालाजी मंदिर पर सातदिवसीय श्री मद् भागवत कथा का हुआ शुभारंभ,कथा के शुभारंभ अवसर पर मंगल कलश यात्रा निकाली गई,एवं गणपति पूजन यज्ञ आचार्य पंडित विमल तिवारी सोयतखुर्द द्वारा करवाया गया,श्री मद भागवद कथा पंडित धर्मेद्र कृष्ण नागर इंदौर द्वारा की जा रही है।कथा के प्रथम दिवस पर पंडित धर्मेद्र कृष्ण नागर द्वारा भागवद कथा का महात्मय बताया।उन्होंने भक्तों को राम और रावण के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि भगवान श्री राम सबकी सुनते थे, इसलिए वो भगवान कहलाऐ।वहीं रावण किसी की नही सुनता था।इसलिए वो राक्षस हो गया।उन्होंने कहा कि,

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम शिव भक्त थे,और रावण भी शिव भक्त था।लेकिन रावण ने सिर्फ अपने भले के लिए शिव भक्ति की,और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने संसार के भले के लिए शिव भक्ति की।भगवान श्री राम

मर्यादा में रहकर माता पिता गूरूजनों एवं अपने अधिनस्थ रहने वाले सभी की बातों को ध्यान से सुनते थे।एवं उनके द्वारा बताई गई बातों को आत्मसात करते हुए उचित निर्णय लेकर कार्य करते थे।वहीं रावण द्वारा अपने माता-पिता गूरूजनों की बातो को सुनना तो दूर,वह उनका अपमान करने मे भी पीछे नही रहता था।

अंत में रावण का जो हाल हुआ वह आप सभी को पता ही है।इसलिए हमें भी अपने जीवन में सुनने की आदत बनाना चाहिऐ।हमें बच्चों,बुजूर्गों, महिलाओं,एवं अपने अधीनस्थ जो भी हो,उनकी बातो को ध्यानपूर्वक सुनना चाहिए,एवं उसपर उचित निर्णय लेकर समाधानपूर्वक कार्य करना चाहिए।कथा में आसपास के भक्त बच्चे बुजूर्ग महिलाऐं एवं युवा युवतियां तथा ग्रामीण क्षैत्रों के लोग कथा का रसपान करने के लिए आ रहे हैं।

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